Kamaya Jata Toh Niti se

कमाया जाए तो नीति से…!
रहा जाए तो रीति से…!
और भजन किया जाए तो प्रीति से…!
यदि इन तीन बातों का स्मरण सदैव हम लोगो को रहे तो फिर जीवन में आनंद ही आनंद है !!
शुभ प्रभात