Information About Heart In Hindi

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दिल वालों से दिल की बात

जिस किसी के भी पास दिल.है उसे दिल की बीमारी होने की पूरी सम्भावना हो सकती है|
इसलिए दिल के विषय में हर दिल वाले को कुछ मूलभुत जानकारी होना आवश्यक है, जैसे कि दिल का काम करने का तरिका – हमारे जनम से पहले से मरने की घडी तक हमारा दिल सतत कार्य करता रहता है, यह कैसे सम्भव होता है ? हम कार्य करके थक जाते हैं तो आराम कर लेते हैं, लेकिन दिल कहे कि मैं थोडा सा आराम कर लूँ तो हमारा कार्य करना सदा के लिए बन्द हो जायेगा|

यह इसलिए सम्भव हो पाता है क्योंकि हमारा दिल सदैव अनुशासन के अनुसार ही कार्य करता है|

दिल 0.3 सेकंड सिकुडता (पम्प करता) है और 0.5 सेकंड आराम (रिलैक्स) करता है, फिर सिकुडता फिर आराम करता फिर . . . . यह सिलसिला जनम से पहले से मौत तक लगातार चलता ही रहता है| इस प्रकार 0.3+0.5=0.8 सेकण्ड में दिल की एक धडकन पूर्ण होती है अर्थात् 72 धडकन प्रती मिनट दिल की सामान्य गति कही जाती है|

आराम के समय अशुद्ध रक्त फेफडों में जाकर प्राण वायु के द्वारा 100% शुद्ध होता है|

दिल सारे दिन में करीब 7000 लिटर रक्त को पम्प करता है, जिसमें से 70% दिमाग को जाता है और 30% में बाकी शरीर कार्य करता है|

यदि जल्दबाजी के वा नकारात्मक भावनाओं के आधार पर सोचने/कार्य करने के कारण रक्त की मांग बढ जाती है तो जल्दी-जल्दी पम्प करना पडता है| ऐसे में पम्प का समय तो कम नहीं कर सकता तो आराम क समय कम कर देता है| आराम का समय कम होना माना रक्त का शुद्धिकरण अधुरा होना| अशुद्ध रक्त धमनियों में बहने से अशुद्ध तत्व धमनियों में जमते जाते हैं और धमनियां जो इलास्टिक होती हैं वह प्लास्टिक हो जाती हैं और यही बात दिल की बीमारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है|

उत्तेजक पदार्थों STIMULANTS के सेवन से दिमाग उत्तेजित होकर उसकी गति तेज होने से रक्त की मांग बढने से दिल की गति बढ जाती है| इसलिए उत्तेजक पदार्थों के सेवन की आदत से दिल की बीमारी वा दौरे के अवसर बढते ही हैं|

इसी प्रकार जल्दबाजी, गुस्सा, उदासी, बदले की भावना, अकेलापन, भावनत्मक द्रूष्टि से संवेदनशील EMOTIONALLY SENSITIVE होना . . . ये आदतें भी दिमाग की गति को बार बार बढाकर दिल की बीमारी व दौरे HEART ATTACK के अवसर बढाती है|

यह आदतें बदलना कोई दवाई. MEDICATION से सम्भव नहीं है, इसके लिए मन-बुद्धि की एक्सरसाईज अर्थात् राजयोग की ध्यान धारणा MEDITATION की आवश्यकता है| इसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते हैं, और ही जीवन के सभी क्षेत्रों में निपुणता बढती है|

आपको अपने दिल से, परिवार जनों से प्रेम है तो मेडिटेशन सिखकर उसका नियमित अभ्यास करें और सबको करायें|

||| शुभ कामनायें |||