ए खुदा मोहूबत भी तूने

ए खुदा मोहूबत भी तूने अजीब चीज बनाए है, तेरे ही बन्दे तेरी मस्जिद में तेरे ही सामने रोते है, लेकिन तुजे नहीं किसी और को पाने के लिये