Hindi Shayari

किताबों के पन्ने पलट के सोचता हूँ

किताबों के पन्ने पलट के सोचता हूँ
यू ही पलट जाये ज़िन्दगी तो क्या बात है
ख़्वाबों मैं जो रोज़ मिलता है
वो हकीकत मैं आये तो क्या बात है.
कुछ मतलब के लिए ढूंढ़ते है सब मुझको

बिन मतलब जो आये तो क्या बात है
कत्ल कर के तो सब ले जायेंगे दिल मेरा
कोई बातों से ले जाये तो क्या बात है…!